अलग-अलग भाषाओं में Signcards
शब्द अलग, पर समझ एक।
आप जिस भाषा का उपयोग करें, वह आपको अपनेपन का अहसास कराए, न कि दूसरों तक अपनी बात पहुँचाने में बाधा बने। हम चाहते हैं कि Signcards के ज़रिए ज़्यादा से ज़्यादा लोग अपनी बात उन शब्दों में कह सकें जो उन्हें स्वाभाविक लगें।

सबको एक जैसा बनाना नहीं, बल्कि समझना।
हो सकता है कि लोग एक ही भाषा बोलें लेकिन उनके मतलब अलग हों, या अलग-अलग भाषाएं बोलने के बावजूद उनकी सोच एक हो। हमारा लक्ष्य बातचीत को आसान बनाना है, न कि किसी व्यक्ति या उसकी पसंद को एक सांचे में ढालना।
आपकी बात का अर्थ, सिर्फ आपका।
अनुवाद ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह चुपके से आपकी बात का मतलब ही बदल दे। व्यक्तिगत अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक संदर्भ और अनिश्चितता का सम्मान होना चाहिए। कभी-कभी अंदाज़ा लगाने से बेहतर एक सवाल पूछ लेना होता है।
भाषा में मदद, आपकी पसंद बरकरार।
AI जैसी तकनीकें लोगों को एक-दूसरे को समझने में मदद कर सकती हैं। लेकिन इस मदद में समीक्षा करने, स्पष्टीकरण माँगने या असहमत होने की गुंजाइश होनी चाहिए। जानकारी समझने का मतलब यह नहीं है कि उसे साझा करने या किसी की ओर से निर्णय लेने की अनुमति मिल गई है।
यह एक लक्ष्य है जिस पर हम काम कर रहे हैं; यह कोई ऑटोमैटिक ट्रांसलेशन सर्विस नहीं है और न ही यह वादा है कि लॉन्च के समय हर भाषा या अभिव्यक्ति समर्थित होगी। फिलहाल थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन उपलब्ध नहीं हैं।
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